अभी संकट आया नहीं है और उसके आने से पहले ही हम उसकी चिंता और फिक्र में अपना अनमोल समय और शक्ति बर्बाद करने लगें तो हम मूर्ख ही माने जाएंगे🥺
मान लिया संकट आ भी गया लेकिन वह कहता है कि सं+कट हूँ (में संकट हूं )लेकिन,कट जाऊंगा समय कट जाता है।
संकट की सिर्फ कुछ घड़ियां होती हैं लेकिन जीवन में तो कई वर्ष होते हैं वर्षों की तुलना यदि घड़ियों से करें तो राहत की सांस ले सकते हैं।
धैर्य से सामना करना है
धैर्य से समय कटने की प्रतीक्षा करनी है
धैर्य से कारणों की समीक्षा करनी है
सुखद परिणाम भी धैर्य से ही मिलेगा
हारने से पहले कभी हार नहीं माननी चाहिए🥰
संकट तो कई प्रकार के होते हैं पारिवारिक संकट, आर्थिक संकट, राजनीतिक संकट, युद्ध के संकट, सामाजिक संकट,
समय और हमारी सही सोचने की शक्ति
हमें हर संकट से पार उतार सकती है🥰
फिर एक नए विचार के साथ
सुधा चौधरी (जैन )
धन्यवाद🙏
Nice VIEWS 💥 💥
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