Wednesday, 23 October 2024

करवा चौथ, ✍️

पति की लंबी आयु की कामना करने के लिए हमारे देश में करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं रखती हैं।फिल्मों मेंइसे बहुत ही खूबसूरत अंदाज में दिखाया जाता है।गीत फिल्माए जाते हैं।श्रृंगार से सजी स्त्रियां,मेहंदी से रचे हाथ -पैर, लाल साड़ी, जेवर,उपवास रखना इस व्रत के प्रति पूरा -पूरा समर्पण दिखाती हैं।पूरे दिन के उपवास के बाद चांद को चालनी से निहारते हुए, पति का चेहरा देखकर व्रत तोड़ा जाता है। यह पति पत्नी के बीच भावनात्मक और संवेदनात्मक आत्मीयता को बढ़ाने वाला कदम माना जाता है।
 इंस्टा, फेसबुक, वीडियो ने इस व्रत का मजाक बनाना शुरू कर दिया है। व्रत की गंभीरता को हास्य के रूप में दिखाया जाना सचमुच चिंताजनक है
 कहते हैं फिल्में समाज का आईना होती है अब फिल्मों की जगह सोशल मीडिया ने ले ली है तो क्या अब इसी तरह परिवार में पति और पत्नी की छवि होती है?यह विचार कि साड़ी और जेवर दिलाओ, यह विचारणीय प्रश्न है और वह भी धमकी के अंदाज में,,इस तरह के वीडियो वायरल करना हिंदी संस्कृति का मजाक उड़ाना है🥺 जब इस तरह के वीडियो बनाए जाते हैं तब मुख्य रूप से यह ध्यान रखा जाता है कि लोग हंसेऔर व्यूज एवं लाइक मिलें।
 व्रत का तो अपना महत्व है ही स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी और संयम के दृष्टिकोण से भी परंतु,इसके साथ-साथ एक और बात भी ध्यान रखना चाहिए कि तनाव रहित जीवन, स्वस्थ जीवन शैली,सात्विक खानपान, शांति और खुशहाली जो परिवार में बिखरी हो तो यह सब भी पति के जीवन को,उनको दीर्घायु बनाने में सहायक होते हैं।
🥰🙏हैप्पी करवा चौथ 
 सुधा चौधरी (जैन )
 धन्यवाद,
✍️ फिर किसी नए विचार के साथ

Thursday, 17 October 2024

संभावना✍️l

संभावना एक ऐसा शब्द है जो कि किसी काम के होने की आशावादिता को व्यक्त करता है🥰
1,बीज में वृक्ष बनने की संभावना। 
2,फूल में फल बनने की संभावना।
3,बच्चों में बड़ा कलाकार,अभिनेता,
 डॉक्टर, इंजीनियर,नेता या फिर वैज्ञानिक बनने की संभावना को कोई 
नकार नहीं सकता।
4, पानी की बूंद में बाढ़ को लाने की संभावना।
 5,दवाओं से रोग के ठीक होने की संभावना।
 जो घटना अभी घटी नहीं है उसके पूर्व अनुमान को संभावना कहते हैं हम कभी-कभी कहते हैं संभवत यह हो जाएगा कभी-कभी कहते हैं यह नहीं होगा।50% पॉसिबिलिटी है परिणाम के आने की। आधा हां- आधा ना।
 संभावना हमेशा छुपी हुई होती है हम अ नुमान के आधार पर ही काम करते हैं।
 दुनिया में जितनी भी कार्य हुए हैं, महान लोगों ने उनकी संभावनाओं पर विचार किया चाहे वह वैज्ञानिक हों,चाहे वह कवि हों,चाहे वह दार्शनिक हों चाहे वह चित्रकार हों।शुरुआत में सिर्फ एक कल्पना होती है,और जब हम उस कल्पना में रंग भरना शुरू करते हैं तो परिणाम आना शुरू हो जाते हैं। सकारात्मक संभावनाओं पर काम करने से ही यह दुनिया इतनी विकास को प्राप्त हो रही है और विकासशील है।
 सफलता मिलेगी या नहीं मिलेगी इस ऊहा-पोह को छोड़कर काम करना शुरू करें, हर गलती के बाद सफल होने की संभावना बढ़ती जाती है, इस सूत्र को जीवन में याद रखना बहुत आवश्यक है यदि हम आगे बढ़ना चाहते हैं तो👍 यदि बीज कभी सोच ले कि मेरे ऊपर इतना मिट्टी का बोझ --- मेरे अंकुर की इतनी छोटी सी ताकत और मुझे गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जाना है, इस बीज के दो भाग होते हैं एक जो गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जाता है और एक जो गुरुत्वाकर्षण की दिशा में जाता है, बीज के अंकुर ने प्रयास किया खुले आसमान को देखने का उसकी जड़ों ने प्रयास किया, अपनी पत्तियों के लिए। जड़ ने तो कभी भी अपनी पत्तियों को नहीं देखा फिर भी उनको परिपोषित करती रही क्योंकि संभावना थी जड़ों के द्वारा सोखे गए पानी और खाद् से पत्तियां,टहनियां फल,फूल बनने की। जड़ो ने सोच लिया था कि मेरा अस्तित्व तभी तक महत्वपूर्ण है जब तक पत्तियां हैं,जब तक फूल हैं,जब तक फल हैं।
 संभावना को सकारात्मक तरीके से समझें,जीवन में आगे बढ़े ✍️❤️
 सुधा चौधरी (जैन) फिर एक नए विचार के साथ, धन्यवाद🙏

Wednesday, 16 October 2024

'संकट,✍️

 कोई संकट तब तक संकट नहीं होता जब तक वह आपको संकट नहीं लगता। संकट का इंतजार मत कीजिए, यदि संकट आपका दरवाजा खटखटाए तो आप हिम्मत के साथ उसका सामना करें
 अभी संकट आया नहीं है और उसके आने से पहले ही हम उसकी चिंता और फिक्र में अपना अनमोल समय और शक्ति बर्बाद करने लगें तो हम मूर्ख ही माने जाएंगे🥺
 मान लिया संकट आ भी गया लेकिन वह कहता है कि सं+कट हूँ (में संकट हूं )लेकिन,कट जाऊंगा समय कट जाता है।
 संकट की सिर्फ कुछ घड़ियां होती हैं लेकिन जीवन में तो कई वर्ष होते हैं वर्षों की तुलना यदि घड़ियों से करें तो राहत की सांस ले सकते हैं।
 धैर्य से सामना करना है
 धैर्य से समय कटने की प्रतीक्षा करनी है
 धैर्य से कारणों की समीक्षा करनी है
 सुखद परिणाम भी धैर्य से ही मिलेगा
 हारने से पहले कभी हार नहीं माननी चाहिए🥰
 संकट तो कई प्रकार के होते हैं पारिवारिक संकट, आर्थिक संकट, राजनीतिक संकट, युद्ध के संकट, सामाजिक संकट,
 समय और हमारी सही सोचने की शक्ति
 हमें हर संकट से पार उतार सकती है🥰
 फिर एक नए विचार के साथ 
सुधा चौधरी (जैन )
 धन्यवाद🙏

Thursday, 10 October 2024

दया✍️

दया वह भाषा है जिसे गूंगे बोल सकते हैं और बहरे समझ सकते हैं।
 बचपन से लेकर बड़े होने तक हमें दया करना सिखाया जाता है हम किसी भी जाति या समुदाय के हो हमें सामाजिक जीवन जीना है,।इंसानियत की पहचान बनाए रखने के लिए दया एक आवश्यक भाव है।
 किसी व्यक्ति को देखकर उसकी गरीबी, लाचारी या बीमारी पर जब हमारा हृदय करुणा से भर जाता है,और हम उसकी सहायता करना चाहते हैं वही दया है 🥰
अगली बार जब किसी गुब्बारे वाले को, सब्जी बेचने वाले वृद्ध को, जूते सुधारने वाले मोची को या सड़कों पर मूंगफली का ठेला लगाने वाले को, बस और ट्रेन में कॉर्न बेचने वाले को देखें तो हम यह विचार करें कि कैसे हम उसी समय उनकी छोटी सी आमदनी को थोड़ा सहयोग देकर कुछ अतिरिक्त फायदा पहुंचा सकते हैं उनकी छोटी सी पूंजी में कुछ बढ़ोतरी कर सकते हैं।
 कैसे हमारा उन पर दया करना सार्थक हो सकता है? दया को मात्र पैसों की मदद के रूप में या भोजन या वस्त्र देकर परिभाषित करना ही नहीं है। हम,उन्हें कोई काम भी दिलवा सकते हैं, किसी चैरिटी देने वाली संस्था से मिलवा सकते हैं। सहानुभूति पूर्ण वचन बोले जा सकते हैं। यह सब दया को ही परिभाषित करता है।
 अमीर भी दया के आकांक्षी हो सकते हैं। यह संसार है और यहां सबको गुजरना पड़ता है। दूसरों पर दया करनी चाहिए और अपनी याद रखनी चाहिए। यहां जो कुछ भी हम देते हैं वही हमारे पास लौट कर आता है 👍
 हमें दया का सही-सही अर्थ और प्रयोग करना आना चाहिए चिड़िया सोचती है मछली को पानी में से उठाकर उसे तार पर सूखने के लिए टांग देना दया है🥺
 तुलसीदास जी कहते हैं दया धर्म का मूल है 🥰
हम थोड़ा सतर्क भी रह सकते हैं गलत या झूठे लोग हमारा फायदा ना उठा ले हमेशा अपनी सीमा पहचाने, ज्यादा अच्छा होगा कि नगद रुपए देने की अपेक्षा किसी चैरिटी देने वाली संस्था से भी उनका संपर्क करा सकते हैं।
 फिर एक नए विचार के साथ
 सुधा चौधरी (जैन )✍️🙏

Tuesday, 8 October 2024

स्मृतियां ✍️

स्मृतियों की चमक  कभी फीकी नहीं पड़ती 
इन्हें कोई अपने से अलग क्यों कर दे और किस लिए कर दे।
 एक शब्द है यादें जिसे हम दिन में एक न एक बार अवश्य प्रयोग कर लेते हैं। दुनिया में सब कुछ पुराना होता जाता है किंतु स्मृतियां हमारे मन में, मस्तिष्क में बसी रहती हैं । कुछ अच्छी होती हैं,कुछ बुरी होती हैं , कुछ प्रेरक होती हैं,कुछ दुखद होती हैं,कुछ सुखद होती हैं पर सदैव जीवित रहती हैं और जो प्रसंग बस हमें याद आ जाती हैं।किसी फिल्म की री ल की तरह एक-एक दृश्य, उस पूरे घटनाक्रम  का हमारे मस्तिष्क पटल पर कोंध जाता है।पुरानी स्मृतियों का वर्तमान जीवन पर बहुत उपकार होता है। पुराने संघर्ष के दिन और उन दिनों की चुनौतियों को हमने किस तरह स्वीकार किया था और संघर्ष से परास्त किया था यह याद आते ही हम पुनः मजबूती से उठ खड़े होते हैं।
 परिवार और दोस्तों के साथ बिताए गए यादगार पलों की याद आते ही मन संतोष और खुशियों से भर जाता है, एक नई ऊर्जा का संचार हमारे जीवन में होता है और हम उन संबंधियों से भावनात्मक जुड़ाव का पुनः आभास करने लगते हैं।
 पुराने अनुभवों की वजह से हम बहुत सारी गलतियों को नहीं दोहराते 
अपनी संस्कृति की धरोहर को जो हम यादों में जीवित रखते हैं, अपनी नई पीढ़ी तक इन्हीं स्मृतियों के माध्यम से पहुंचाते हैं❤️
 रचनाकार, कलाकार, कथाकार, कवि पुरानी स्मृतियों के सहारे ही नये सृजन करते हैं।
नॉस्टैल्जिया एक मनोवैज्ञानिक शब्द है कि एक इंसान भूतकाल की अच्छी और सुखद यादों को कभी भूल नहीं पाता है। उन्हें याद करना ब्रेन में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय करता है जो संतुष्टि और खुशी के भाव को बढ़ावा देते हैं।
 कई बार हम अतीत की दुखद स्मृतियों को भी नहीं भूल पाए किसी आत्मीय जन की मृत्यु या दोस्तों से बिछड़ना यह भी हमारी स्मृति में रह जाता है लेकिन यह एक तरह से अच्छा ही है इस क्षण की याद आने पर हमें उन लोगों के जीवन के अच्छे गुणों की याद आ जाती है जो बेहतर भी होता है।
 कभी-कभी किसी भीषण दुर्घटना की याद भी हमारी यादों में रह जाती है यह भी बहुत अच्छा हो सकता है लेकिन तब, जब हमें यह ख्याल आ जाता है कि जीवन कितना क्षणभंगुर है क्यों ना हम इसे अच्छे तरीके से बिताएं 🥰
 बचपन या किशोर अवस्था के वे शुरुआती गलतियों के दिन जो हमारे पूरे  जीवन को खराब कर सकते थे उस समय की मार पिटाई और डांट -फटकार के दृश्य  भी हमारी यादों से दूर नहीं जाते पर उस समय यही सोचना होगा कि मेरा आज का सुंदर जीवन उसी डांट फटकार की वजह से है। इसके लिए हम अपने बड़ों के प्रति कृतज्ञ हैं। पशु भी स्मृतियों का सहारा लेते हैं, मालिक की मौत पर कुत्ते का बहुत दिनों तक जो एहसास होता है उसे हम महसूस कर सकते हैं या गाय अपने मालिक को देखकर रंभाने लगती है। अनेक मांसाहारी और हिंसक पशु भी अपने मालिक से दोस्ताना संबंधों को अपनी स्मृति में कायम रखते हैं 
 यादों में कोई याद 
बातों में कोई बात 
ठहर जाए अगर स्मृति में तो 
जीवन बन जाता है बहुत ही खास।
 स्मृतियां हमारे जीवन के वह सहारे हैं जो हमें हर समय मददगार साबित होते हैं।
 दूसरों के द्वारा, हमारे साथ किए गए दुर्व्यवहारों को भूलने की कोशिश करना चाहिए। बैर को भूलना ही मनुष्य का कर्तव्य है, क्योंकि वह भी हमारी यादों में रह जाता है।👍 "क्षमा वीरों का आभूषण है ' अच्छी यादों को संजोकर रखिए बस👍
 सुधा चौधरी (जैन )
 कल फिर एक नए विचार के साथ🙏✍️

Saturday, 5 October 2024

मुस्कुराहट ✍️

इंसान का सबसे  कीमती और सुंदर आभूषण है मुस्कुराहट, जो सभी आभूषणों की कमी पूरी कर देता है।
 अकेले गहने आपको इतना आकर्षक और खूबसूरत नहीं दिखा सकते जितना उन गहनों के साथ-साथ आपकी एक प्यारी सी स्माइल, 😊। मुस्कुराहट का अर्थ है तनाव रहित चेहरा।हर समय, बात -बात पर कोई हंस नहीं सकता किंतु कुछ अवसरों को छोड़कर प्रति समय आप तनाव रहित रहकर,प्रसन्नचित रह सकते हैं।मुस्कान का व्यावहारिक जीवन में कितना महत्व है कि लोग अपनी बेटियों के नाम मुस्कान रख देते हैं।
 आपके चेहरे की प्यारी सी मुस्कुराहट आपके आसपास के लोगों और माहौल को काफी खुशनुमा बना देती है सब सहज रहते हैं।सकारात्मक ऊर्जा बिखरती रहती है,  यदि किसी को किसी बात पर सहमत करना हो तो हम बात मुस्कुरा कर ही करते हैं। यह एक ऐसी खूबसूरत अभिव्यक्ति है जो चेहरे परआभा, खूबसूरती,संतुष्टि, आकर्षण,स्नेह और मित्रता को व्यक्त करती है।  एंड्राॅफिन और सेराटोनिन  खुशी को बढ़ाने वाले हार्मोन और मूड को बेहतर बनाने वाले हार्मोन हैं उनके स्रावित होने से नकारात्मकता कम होती है।
 मुस्कुरा कर सहज रहने से हम अनेक प्रतिकूलताओं का हल हम स्वयं ढूंढ लेते हैं।
 मुस्कुराकर नए दिन का स्वागत करें।
 अपने लगाए गए पौधों को देखकर,उन पर आए हुए फूलों को देखकर होठों पर सहज मुस्कुराहट आ जाती है🥰
 बच्चों के स्कूल से आने पर या पति महोदय के ऑफिस से आने पर आपकी हल्की सी मुस्कुराहट परिवार में खुशी और ऊर्जा का संचार कर देती है। मेहमानों के आने पर मित्रों के आने पर या उनसे मिलते समय आपकी मुस्कुराहट ही उनके लिए उपहार होती है।
 शेक्सपियर कहते हैं कि हो सकता है कोई मुस्कुराये फिर भी दुष्ट हो अर्थात दूसरों का दिल दुखा कर या अंतर में द्वेष रखते हुए हम मुस्कुराए तो यह स्वयं को छलने जैसा है।
 मुस्कुराइए क्योंकि इसमें कोई पैसे खर्च नहीं होते.
 दुनिया की हर संस्कृति में इसे चेहरे को निखारने वाला माना गया है कविताओं और कहानियों में मुस्कुराहट को टर्निंग पॉइंट या बदलाव का प्रतीक माना जाता है,बिना कुछ कहे, बहुत कुछ कहने की यह कला है 'मुस्कुराहट,  जो हमें सौगात के रूप में मिली है।
 सुधा चौधरी (जैन )विदिशा 
कल फिर एक नए विचार के साथ आपके बीच धन्यवाद ✍️🥰

Friday, 4 October 2024

'अभ्यास एक जादू'✍️

 अभ्यास हमारे जीवन में जादू का काम करता है।
 यदि जादुई परिणाम चाहिए तो अभ्यास करिए, मनुष्य जन्म से लेकर जीवन के आखिरी दिनों तक किसी न किसी कार्य का अभ्यास करता रहता है और आगे बढ़ता है।  अभ्यास के लिए हमें किसी दूसरे पर बहुत कम आश्रित रहना पड़ता है क्योंकि हमने जो सीख लिया है उसी में निपुणता  हासिल करना चाहते हैं पारंगत होना चाहते है,और बार-बार उसी क्रिया को दोहराने के लिए किसी सहायक की आवश्यकता नहीं होती है सिर्फ उसमें से गलतियां ढूंढ कर उनको करेक्ट करवाने वाले की आवश्यकता होती है 🥰
 अभ्यास सदैव एक रचनात्मक या रचनात्मकता की दिशा में होना चाहिए धीरे-धीरे अभ्यास हमारी आदतों में शामिल हो जाता है फिर हमें उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती क्योंकि हम अभ्यास करते-करते बहुत सारी चीजों में होने वाली गलतियों से सीख चुके होते हैं हमारा आत्मविश्वास बढ़ जाता है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक है
 जब हम धैर्य के साथ अभ्यास करते हैं तो हमारे जीवन में एक गंभीरता और पर्सनालिटी में एक सौम्यता आ जाती है। करत -करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।रसरी आवत जात ही सिल पर पड़त निशान, कवि ने इस बात को प्रत्यक्ष अनुभव किया है की रस्सी तक को पत्थर पर बार-बार घिसा जाता है तो पत्थर पर भी निशान पड़ जाते हैं।इस चीज को हम ऐसे भी समझ सकतेहैं, या यूँ भी समझा जा सकता है, जैसे एक माली को ऋतु पर फल आने का पूरा भरोसा होता है। इसी प्रकार धैर्य के साथ अभ्यास करने वाले को समय पर परिणाम और अच्छा परिणाम मिलने का पूरा भरोसा होता है।
 बच्चों को शुरू से ही अभ्यास पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाती है जो निरंतर अभ्यास से शुरू होने वाली लिखावटका अभ्यास कराती है,जो उस बच्चे को
भविष्य में  लेखक, कवि,साहित्यकार बना सकती है या आज रंगों का अर्थ जिनके लिए ड्राइंग के पेज पर जलेबी या चील -कौवे उड़ाने जैसा है वह भविष्य के एम एफ हुसैन बन सकते हैं 👍अभ्यास से देखने,सुनने, और समझने की दृष्टि को आयाम मिलता है यदि गलत कार्यों में या अपनी ही नजरों में गिरने वाले कार्यों का हम अभ्यास करते हैं  अभ्यास को अभिशाप बनते देर नहीं लगती।  अभ्यास छोड़ देने से हमने जो कुछ भी सीखा है वह छूटने लगता है। अभ्यास को प्रसन्नचित होकर करें।उदास होकर अभ्यास करने से वैसे परिणाम नहीं मिलते जिनकी हम उम्मीद करते हैं। किसी भी कला में पारंगत होने के लिए 
अभ्यास पहली और आखिरी शर्त है।remember practice makes a man perfact 👍
 सुधा चौधरी( जैन)
 कल फिर एक नए विचार के साथ🙏