आपके आसपास कैसे भी लोग रहते हो कोई फर्क नहीं पड़ता, फर्क पड़ता है जब कोई नहीं रहता हो। पड़ोस का अर्थ है हर समय हम साथ साथ हैं सुख में दुख में दिन में रात में हम साथ साथ हैं।
आईये आज से हम एक अच्छा पड़ोसी धर्म निभाने की शुरुआत करते हैं।--
बेटियों के विवाह हो जाते हैं, बेटे अलग रहने चले जाते हैं परंतु पड़ोसी एक लंबे अरसे तक हमारे बीच होते हैं। उनके घर महकने वाला अगरबत्ती की सुगंध या मिठाई की महक बिना इजाजत हमारे घर चली आती है, उनके बच्चे की गेंद को हमारे घर में आने से कोई रोक नहीं सकता चाहे वह खिड़की का कांच तोड़कर ही क्यों ना आई हो और उसके पीछे आने वाला उनका मासूम सा बच्चा जिसके हाथ तो घंटी तक नहीं पहुंचते जो सीधा ड्राइंग रूम में आ जाता है।है आंटी जी आपके घर में हमारे बॉल आ गई है मैं ढूंढ लूं क्या? ❤️। मैं कुछ जवाब दूं उसके पहले ही वह गेंद को ढूंढना शुरू कर देता है। मैं उसे कैसे कहूं कि तुम्हारे गेंद के आने की खबर तो खिड़की के रास्ते से पहले आ चुकी है तुम अपनी गेंद ढूंढ लो और हमारा खोया हुआ बचपन भी ढूंढ कर दे दो जब उनके घर में मंगल कार्य होते हैं तो ढोलक की थाप हमारे घर मैं भी प्रवेश कर जाती है. हमारे घर की दीवारें भी गुनगुनाने लगती हैं और हम भी इंद्रधनुषी परिधानों में सज जाते हैं।हम इतने बड़े क्यों हो जाते हैं, और जाने कब हो जाते हैं कि खूबसूरत से जीवन में इस मासूमियत की इंपोर्टेंस को भूलते जाते हैं। मेरे यहां गूंजने वाले धार्मिक पाठ ,मंत्र उच्चारण वहां पहुंचकर उनके घर के वातावरण को भी निर्मल बनाते होंगे।
हवा बारिश धूप सब एक जैसी है तो फिर हम भी पड़ोस और पड़ोसियों के प्रति इस तरह क्यों नहीं रह सकते? पड़ोसी धर्म निभा सकते हैं।
शब्द है पड़ोसी धर्म- जब धर्म शब्द कहीं जुड़ जाता है तो वहां पर आध्यात्मिकता शामिल हो जाती है पड़ोसियों के साथ सद्भावना रखते हुए समय- समय पर उनके काम आते हुए उनके सम्मान को और अपने सम्मान को कायम रखें🥰
सुधा चौधरी (जैन )
* Nice " VIEWS "
ReplyDeleteउत्साह वर्धन के लिए धन्यवाद भाई
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