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Thursday, 17 October 2024

संभावना✍️l

संभावना एक ऐसा शब्द है जो कि किसी काम के होने की आशावादिता को व्यक्त करता है🥰
1,बीज में वृक्ष बनने की संभावना। 
2,फूल में फल बनने की संभावना।
3,बच्चों में बड़ा कलाकार,अभिनेता,
 डॉक्टर, इंजीनियर,नेता या फिर वैज्ञानिक बनने की संभावना को कोई 
नकार नहीं सकता।
4, पानी की बूंद में बाढ़ को लाने की संभावना।
 5,दवाओं से रोग के ठीक होने की संभावना।
 जो घटना अभी घटी नहीं है उसके पूर्व अनुमान को संभावना कहते हैं हम कभी-कभी कहते हैं संभवत यह हो जाएगा कभी-कभी कहते हैं यह नहीं होगा।50% पॉसिबिलिटी है परिणाम के आने की। आधा हां- आधा ना।
 संभावना हमेशा छुपी हुई होती है हम अ नुमान के आधार पर ही काम करते हैं।
 दुनिया में जितनी भी कार्य हुए हैं, महान लोगों ने उनकी संभावनाओं पर विचार किया चाहे वह वैज्ञानिक हों,चाहे वह कवि हों,चाहे वह दार्शनिक हों चाहे वह चित्रकार हों।शुरुआत में सिर्फ एक कल्पना होती है,और जब हम उस कल्पना में रंग भरना शुरू करते हैं तो परिणाम आना शुरू हो जाते हैं। सकारात्मक संभावनाओं पर काम करने से ही यह दुनिया इतनी विकास को प्राप्त हो रही है और विकासशील है।
 सफलता मिलेगी या नहीं मिलेगी इस ऊहा-पोह को छोड़कर काम करना शुरू करें, हर गलती के बाद सफल होने की संभावना बढ़ती जाती है, इस सूत्र को जीवन में याद रखना बहुत आवश्यक है यदि हम आगे बढ़ना चाहते हैं तो👍 यदि बीज कभी सोच ले कि मेरे ऊपर इतना मिट्टी का बोझ --- मेरे अंकुर की इतनी छोटी सी ताकत और मुझे गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जाना है, इस बीज के दो भाग होते हैं एक जो गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जाता है और एक जो गुरुत्वाकर्षण की दिशा में जाता है, बीज के अंकुर ने प्रयास किया खुले आसमान को देखने का उसकी जड़ों ने प्रयास किया, अपनी पत्तियों के लिए। जड़ ने तो कभी भी अपनी पत्तियों को नहीं देखा फिर भी उनको परिपोषित करती रही क्योंकि संभावना थी जड़ों के द्वारा सोखे गए पानी और खाद् से पत्तियां,टहनियां फल,फूल बनने की। जड़ो ने सोच लिया था कि मेरा अस्तित्व तभी तक महत्वपूर्ण है जब तक पत्तियां हैं,जब तक फूल हैं,जब तक फल हैं।
 संभावना को सकारात्मक तरीके से समझें,जीवन में आगे बढ़े ✍️❤️
 सुधा चौधरी (जैन) फिर एक नए विचार के साथ, धन्यवाद🙏