मेरे,गुटखा से रंगे दांतों को कोई देख ना ले एक बार भी यह विचार मन में आ जाए या अपने दांतों को छुपाने के लिए ही तो मैं मुंह बंद करके हंसता हूं 🥺या सामने वाला मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा? सामने नहीं तो पीठ पीछे कुछ ना कुछ कहेगा, अवश्य। सिगरेट की डिब्बी पर बने कैंसर के पेशेंट के चित्र को बार-बार देखने से शायद कभी हमें उस सिगरेट से घृणा हो जाए, शराब ने किस तरह एक परिवार को बर्बाद किया है लत के अंजाम से इस तरह की बर्बादी को देखकर भी हम लत छोड़ने का प्रयास कर सकते हैं। गलत आदत को छोड़ते ही हमारे आत्मविश्वास के स्तर को एक ऊंचाई मिलती है। सुबह-सुबह जिस तरह हम अपने मुंह से आने वाली दुर्गंध से छुटकारा पाना चाहते हैं, उपाय करते हैं ठीक उसी प्रकार हमें बुरी आदतों से छुटकारा पाने का उपाय करना चाहिए👍 शुभ प्रभात मित्रों,
सुधा चौधरी🙏 कल फिर एक नए विचार के साथ, धन्यवाद
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