Sunday, 29 September 2024

'जिजीविषा '

खुदकुशी के पल में लुट जाएगी दुनिया तेरी,सौ बार इस पर सोचो बदलेगी जिंदगी। तुम नहीं रहोगे किसी को फर्क ना पड़ेगा,  मां-बाप की तो सोचो, तड़पेगी जिंदगी।
 आत्महत्या की खबरें हमें कितना विचलित कर देती हैं। रोज सुनते हैं नंबर कम आने पर,exam में fail हो जाने पर, comptition  में select न होने पर या जीवन की समस्याओं से घबराकर किसी ने आत्महत्या कर ली! 
क्यों
लोग अपनी जान देने,  तैयार हो जाते हैं। क्या निराशा इतनी बड़ी हो जाती है कि आशा की कोई किरण दिखाई नहीं देती? उस समय यही सोचना होगा कि किसके जीवन में समस्या नहीं?यदि आत्महत्या समस्या का हल होता तो यह संसार लोगों से खाली हो चुका होता। सब के सब आत्महत्या से ही हल ढूंढ लेते लेकिन ऐसा होता नहीं सब जीवन से जूझते हैं, जूझना ही चाहिए क्योंकि जीवित रहेंगे तभी तो कुछ कर पाएंगे👍 मरकर तो कुछ हासिल नहीं होता 
एक छोटी सी चींटी तक संघर्षों से नहीं हारती. गाड़ी से कुचले हुए  पैर के साथ ,
 लंगड़ा हो जाने वाला कुत्ता भी सड़कों पर घूमता दिखाई दे जाता है।दुर्घटनाग्रस्त इंसान या जन्म से किसी गंभीर विकलांगता से पीड़ित लोग भी कितने ऊंचे पद और मुकाम पर पहुंच जाते हैं,यह सब को पता है। घबराकर जान देने की बातें वो करते हैं जिनका खुद पर से भरोसा उठ जाता है दुनिया में सबसे बड़ी कमजोरी है खुद पर से भरोसा उठ जाना इसी कमजोरी पर विजय प्राप्त कर आगे बढ़ना है।
 सुधा चौधरी (जैन) 
कल एक नए विचार के साथ 
 धन्यवाद🙏

1 comment:

  1. * बिल्कुल सही बात - हमें अपनी कमजोरी पर विजय प्राप्त कर आगे बढ़ना ही होगा l
    * अपना Self Confidence बढ़ाना ही होगा
    * सच मुझे आपके Blogs से बहुत प्रेरणा मिलती है l

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